ABOUT US

What WE Do

Vision and purpose

सेंटर फॉर रिसर्च एंड डायलॉग ट्रस्ट बिहार के कुछ युवा द्वारा स्थापित एक सामाजिक संस्था है, जिसका मूल मकसद बिहार राज्य के सर्वांगीन और संतुलित विकास की यात्रा में अपना सहयोग देना है और जहां कोई ऐसी घटना या परिस्थिति उत्पन्न हो या कोई सत्ता इसमें बाधक बनती नजर आ रही हो, वहां सार्थक हस्तक्षेप करना है।

मौजूदा वक्त में हम यह काम जन माध्यम और संवाद के जरिये इस कार्य को आगे बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं। इसे हम अपने अभियान में सबसे सफल उपकरण मान रहे हैं। हमने इस उपकरण को इसलिए भी अपनाया है, क्योंकि हमारे ट्रस्ट की स्थापना से जुड़े कई सदस्य मीडिया और कम्यूनिकेशन की फील्ड से जुड़े हैं।

इस संस्था की शुरुआत के बीज 2019 में चमकी बुखार की रोकथाम के वक्त चले बिहार के युवाओं के अभियान में छिपे हैं। उस वक्त युवाओं की अनौपचारिक टीम ने मुजफ्फरपुर जाकर 70 गांवों में जागरूकता अभियान चलाया था और प्रभावित लोगों की मदद की थी। बाद में उसी टीम ने वहां जाकर सर्वेक्षण किया। पटना में जलजमाव होने पर उसी टीम के कई लोगों ने मदद अभियान चलाया। उस वक्त लोगों ने जो आर्थिक सहयोग दिया था, उसकी शेष राशि से ही यह ट्रस्ट 8 जनवरी, 2020 को शुरू हुआ है।

हम क्या करते हैं

हम अपने मौजूदा क्रियाकलापों को निम्न हिस्सों में बांटते हैं-

01.

• आपदा की स्थिति में सीधा हस्तक्षेप

चूकि संस्था की शुरुआत चमकी बुखार और पटना जलजमाव की आपदा के वक्त युवाओं द्वारा चलाये गये अभियान की पृष्ठभूमि में हुई है, इसलिए किसी भी आपदा के वक्त आगे बढकर पीड़ित लोगों की मदद करना हमारा पहला मिशन है। हम अपने सीमित संसाधनों से हर संभव यह कार्य करने की कोशिश करते हैं। 2020 में भी इसी वजह से हमने कोरोना लॉक डाउन में देश में जगह-जगह फंसे बिहार के मजदूरों की न सिर्फ मदद की बल्कि उनके लिए अभियान भी चलाया।

02.

• अध्ययन और उसकी रिपोर्ट तैयार करना

हमारा मानना है कि किसी भी समस्या का समाधान सिर्फ तात्कालिक मदद उपलब्ध कराने से नहीं हो सकता। जब तक हम उसके जड़ तक नहीं पहुंचेंगे, समस्या का समाधान नहीं होगा। इसी वजह से हम समय-समय पर बिहार से जुड़ी समस्याओं का अध्ययन कराने की कोशिश करते हैं। फिर मीडिया और आम लोगों के सामने उस अध्ययन की रिपोर्ट जारी करते हैं। हमने अब तक चमकी बुखार को लेकर दो रिपोर्ट और पटना जलजमाव के कारणों को लेकर ऐसी ही एक रिपोर्ट जारी की है।

 
03.

• संवाद और डिबेट

अध्ययन के साथ-साथ हम समाज के विभिन्न वर्गों के साथ संवाद और डिबेट भी कराते हैं। इस संस्था के सदस्यों द्वारा इसके औपचारिक गठन से पहले बिहार डायलॉग के नाम से एक डिबेट सीरीज चलाया गया था। चमकी बुखार को लेकर भी हमने पटना के विशेषज्ञों के बीच एक संवाद आयोजित किया।

04.

• ग्रामीण पत्रकारिता कार्यशाला

हम मानते हैं कि गांवों के विकास में मीडिया प्रमुख भूमिका निभा सकता है। मगर य भी एक दुखद सत्य है कि गांवों की असल खबरें मीडिया की मुख्यधारा तक नहीं पहुंच पाती। ऐसे में हम जिला और प्रखंड स्तर पर सभी तरह के पत्रकारों के साथ संवाद स्थापित करने, उन्हें गांवों के असली मुद्दों पर निरंतर लिखने के लिए प्रेरित करने और उनके बीच गुणवत्ता पूर्ण खबरें लिखने की कार्यशाला आयोजित करने का प्रयास करते हैं।

हिन्दी